भारत रत्न से जुड़ी रोचक जानकारी Bharat ratna facts in hindi

भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान जिसे भारत रत्न ( Bharat Ratna ) के नाम से जाना जाता है. यह सम्मान भारत के उन सभी नागरिकों को दिया जाता है जिन्होंने भारत के लिए विश्व में कुछ ऐसा अद्भुत कार्य किया है जो आज से पहले किसी भी भारतीय नागरिक ने नहीं किया हो. और यह सम्मान उन देशवासियों को भी दिया जाता है जिन्होंने समाज की भलाई के लिए, समाज की सेवा के लिए, निस्वार्थ भाव से अपना पूरा जीवन व्यतीत कर दिया हो.

Information About Bharat Ratna Award

1. भारत रत्न की शुरुआत 2 जनवरी 1954 में भारत के राष्ट्रपति राजेंद्र प्रशाद जी के द्वारा की गयी थी|

2. एक साल में ज्यादा से ज्यादा 3 वक्तियो को ही भारत रत्न (Bharat Ratna ) दिया जा सकता है परंतु ऐसा भी नहीं है की प्रत्येक साल में भारत रतन दिया जाना अनिवार्य हो यह सरकार पर निर्भर करता है किस वर्ष किसे और कितने लोगो को यह सम्मान देना है|

3. दो अन्य् विदेशियोंं  “ख़ान अब्दुलगफ़्फ़ार ख़ान” को 1987 में और “नेल्सन मंडेला” को 1990 में यह पुरस्कार दिया गया| 

4. भारत रत्न प्राप्त करने वाले व्यक्ति को VVIP के बराबर का दर्जा दिया जाता है|

5. भारत रतन मिलने वाले नागरिक को इनकम टैक्स न भरने की छूट दी जाती है और वह नागरिक संसद की बैठकों में और सत्र में बेरोकटोक भाग ले सकता है|

6. भारत रत्न प्राप्तकर्ता गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस में विशेष अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में भाग लेता है|

7. भारत रत्न प्राप्त करने वाले नागरिक को यात्रा सुविधा भी निशुल्क दी जाती है वह हवाई जहाज, ट्रेन या बस में निशुल्क यात्रा कर सकता है|

8. भारत रत्न प्राप्त करने वाले नागरिक कैबिनेट रैंक के बराबर माना जाता है|

9. भारत रत्न प्राप्त करने वाला व्यक्ति अगर किसी राज्य के भ्रमण पर जाता है तो उसे राज्य अतिथि का दर्जा दिया जाता है|

10. पहला भारत रत्न का सम्मान देश के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को 1954 में प्रदान किया गया था|

11. मरणोपरांत सर्वप्रथम लालबहादुर शास्त्री को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

12.  13 जुलाई, 1977 से 26 जनवरी, 1980 तक इस पुरस्कार को स्थगित कर दिया गया था।

14.अब तक कुल 48 लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है जिसमें दो विदेशी नागरिक (ख़ान अब्दुलगफ़्फ़ार ख़ान और नेल्सन मंडेला) भी शामिल हैं।

15. सुभाष चंद्र बोस को 1992 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। लेकिन विवाद के कारण (जैसा कि सुभाष चंद्र बोस की मौत का कोई सबूत नहीं है) उनके परिवार ने पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया। यह भारत रत्न के इतिहास की एकमात्र घटना है कि एक पुरस्कार वापस ले लिया गया।

16 .पहले एसा नियम था की मृत वक्ति को भारत रत्न नहीं मिलता था पर 1955 के बाद मिलने लगा है. इसमें मरणोप्रान्त भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को मिला था और अभी तक में मरने के बाद 12 लोगो को भारत रत्न मिल चूका है|



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