ISRO से जुड़े रोचक तथ्य | ISRO Interesting Facts in Hindi

ISRO से जुड़े रोचक तथ्य  

  • ISRO का पूरा नाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन है।

  • ISRO का मुख्यालय कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में है।

  • इसरो का मुख्य कार्य अंतरिक्ष संबंधी तकनीक उपलब्ध करवाना और Satellites, Launchers, Ornate Rockets और Geospatials का विकास करना है।

  • डॉ विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है|

  • भारत में इसरो के कुल 13 सेंटर है।

  • ISRO का पहला आर्दश वाक्‍य रहा है।  "मानव जाति की सेवा में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी " ।


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  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना 1969 में की गई थी। 70 के दशक में ‘आर्यभट्ट‘, ‘भास्कर‘, ‘रोहिणी‘ तथा ‘एप्पल‘ जैसे उपग्रह को सफलता पूर्वक लॉन्‍च किया गया था।

  • ISRO ने सबसे पहला उपग्रह 19 अप्रैल 1975 में लॉन्‍च किया था। जिसमें मदद रूस ने कि थी।

  • भारत का पहला उपग्रह, आर्यभट्ट, जो 19 अप्रैल 1975 सोवियत संघ द्वारा शुरू किया गया था। इस ग्रह का नाम भारतीय गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था।

  • भारतीय अंतरिक्ष विभाग ISRO ने अभी तक पूरी दुनिया के अलग-अलग 21 देशों के 79 Satellite Launch किए है।

  • SLV-3 भारत के द्वारा छोडा गया पहला स्‍वदेशी उपग्रह था। इस पहले स्‍वदेशी उपग्रह के Director थे हमारे पूर्व President Dr APJ Abdul Kalam।

  • 2008-09 में इसरो ने चंद्रयान-1 लाॅन्च किया था जिसका बजट 350 करोड़ रूपए यानि नासा से 8-9 गुना कम था। इसी ने चाँद पर पानी की खोज की थी।

  • 2008-09 में इसरो ने चंद्रयान-1 लॉन्‍च किया था, जिसका बजट 350 करोड़ रूपए था। मतलब नासा के बजट से 8-9 गुणा कम था। चंद्रयान-1 ने ही चाँद पर पानी की खोज की थी।

  • नासा की Internet Sspeed 91GBps है, लेकिन भारत का ISRO  इससे ज्‍यादा Internet speed पर काम करता है, पूरे 2 GBps।

  • इसरो के द्वारा बनाया गया Bhuvan Software Google अर्थ का भारतीय रूपांतरण है। इसकी मदद से भारत के किसी भी हिस्से की 3डी तस्वीर Internet पर देखी जा सकती है।

  • भारत, रूस, चीन अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुंचने वाला पहला देश बना था। जबकी अमेरिका 5 बार, सोवियत संघ 8 बार असफल रहा था।

  • यूएस, रूस, फ्रांस, जापान और चीन के पीछे, भारत जीएसएलवी-डी 5( GSLV-D5) के सफल प्रक्षेपण के साथ जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में लॉन्च करने की क्षमता वाले एक कुलीन समूह का केवल 6 वां सदस्य बन गया है।

  • अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान, चीन समेत भारत दुनिया के उन छः देशों में शामिल है जो अपनी भूमि पर सैटेलाइट बनाने और उसे लाॅन्च करने की क्षमता रखते है।


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